News DiggyNews DiggyNews Diggy
Font ResizerAa
  • National
  • World
  • Politics
  • Election
  • Sports
  • Entertainment
  • Economy
  • Finance
  • Crime
  • Technology
  • Weather
  • Health
  • Event
Reading: जनता पर चालान, सरकार पर रहम! दिल्ली में PUC नियमों की खुली पोल
Share
Font ResizerAa
News DiggyNews Diggy
Search
  • National
  • World
  • Politics
  • Election
  • Sports
  • Entertainment
  • Economy
  • Finance
  • Crime
  • Technology
  • Weather
  • Health
  • Event
Follow US
News Diggy > Blog > National > जनता पर चालान, सरकार पर रहम! दिल्ली में PUC नियमों की खुली पोल
National

जनता पर चालान, सरकार पर रहम! दिल्ली में PUC नियमों की खुली पोल

Ayush Soni
Last updated: October 10, 2025 9:53 pm
Ayush Soni - Content Writer
Published October 10, 2025
Share
SHARE

दिल्ली, जो पहले ही दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में गिनी जाती है, वहाँ सरकार के अपने ही वाहन प्रदूषण नियंत्रण (PUC) के नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं हाल ही में दिल्ली परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को बताया कि करीब 31,000 सरकारी वाहनों में से लगभग 40% वाहनों के पास वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं है। यानी जो सरकार जनता पर प्रदूषण नियंत्रण के सख्त नियम थोपती है, वही खुद उन नियमों का पालन नहीं कर रही।

Contents
नियम जनता के लिए, अपवाद सरकार के लिए?जिम्मेदारी से पल्ला झाड़नाजनता के लिए संदेश क्या?NGT का हस्तक्षेप

नियम जनता के लिए, अपवाद सरकार के लिए?

सवाल यह है कि जब आम नागरिक का वाहन थोड़ा सा धुआँ छोड़ दे तो चालान काटा जाता है, वाहन जब्त कर लिया जाता है तो सरकारी विभागों पर वही नियम क्यों लागू नहीं होते? क्या प्रदूषण सरकारी वाहनों से निकलने पर “कम जहरीला” हो जाता है?

दिल्ली सरकार और उसकी एजेंसियाँ GRAP (Graded Response Action Plan) जैसी योजनाएँ लागू करने में तो सक्रिय दिखती हैं, पर खुद इनका पालन करने में नाकाम हैं। यह उस प्रवृत्ति की झलक है जहाँ सरकार “नियम बनाती है, पर खुद को उनसे ऊपर समझती है।”

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि परिवहन विभाग के पास यह जानकारी तक नहीं है कि कौन से विभागों के वाहन बिना वैध PUC के चल रहे हैं, और कौन से वाहन अपनी आयुसीमा (लाइफस्पैन) पूरी कर चुके हैं।
यह प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा है। अगर सरकार अपने वाहनों का रिकॉर्ड नहीं रख पा रही, तो वह निजी वाहनों से जिम्मेदारी की उम्मीद कैसे कर सकती है?

जनता के लिए संदेश क्या?

एक ओर सरकार लोगों से कहती है कि कारपूल करें, मेट्रो का उपयोग करें, और प्रदूषण घटाएँ। दूसरी ओर, उसके अपने पुराने और बिना PUC वाले वाहन सड़कों पर धुआँ उगलते घूम रहे हैं। यह व्यवहार जनता में सरकार की नीतियों के प्रति अविश्वास और उपेक्षा पैदा करता है।

NGT का हस्तक्षेप

NGT ने ठीक ही कहा कि “सरकार खुद नियमों की उल्लंघनकर्ता नहीं हो सकती।” लेकिन सवाल यह भी है कि क्या यह चेतावनी मात्र “कागजी सुधार” तक सीमित रह जाएगी, या वाकई दोषियों पर कार्रवाई होगी?

दिल्ली में पहले भी कई बार ऐसे मामलों में रिपोर्टें दी गईं, नोटिस भेजे गए, लेकिन सुधार नहीं हुआ। अब समय आ गया है कि केवल निर्देश नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाए जाएँ – जैसे बिना PUC के सभी सरकारी वाहनों को तुरंत डिपो में खड़ा किया जाए, और ओवरेज वाहनों को कबाड़ घोषित किया जाए।

अगर दिल्ली सरकार वास्तव में प्रदूषण को लेकर गंभीर है तो उसे यह समझना होगा कि विश्वसनीयता की शुरुआत खुद से होती है।
जनता वही करेगी जो वह देखेगी और अगर सरकार ही प्रदूषण फैला रही है, तो उसके “ग्रीन दिल्ली” जैसे नारे सिर्फ पोस्टरों तक ही रह जाएंगे।

You Might Also Like

प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस – आस्था और इतिहास का संगम

कांवड़ यात्रा 2025 का अंतिम दिन: सेवा, श्रद्धा और बदलती परंपराएं

Yamuna Expressway Accident: घने कोहरे में मथुरा में भीषण सड़क दुर्घटना

एक अकेले बुजुर्ग की जंतर मंतर पर न्याय की पुकार: सिस्टम के खिलाफ संघर्ष

भारतीय रेलवे ने बदला नियम, अब कोहरे के कारण लेट हुई आपकी ट्रेन, कैंसिल करने पर मिलेगा तुरंत रिफंड

TAGGED:delhiDelhi PUCDelhi PUC RulesVehicle
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp
Share
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

- Advertisement -
Ad imageAd image

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow
LinkedInFollow
TwitchFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
- Advertisement -
Ad imageAd image
Popular News
अमेरिका
World

अमेरिका पर आया संकट बर्फीले तूफान ने बरसाया कहर 7 लाख घरों में बिजली गुल, 26 की हुई मौत

newsdiggy
newsdiggy
December 27, 2022
आज के रिश्तों की हकीकत – बदलते रिश्ते, बढ़ती परेशानियां
Bastar में नक्सलियों का सबसे बड़ा सरेंडर: 208 ने हथियार डालकर किया मुख्यधारा में वापसी
पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह पर फेंका गया जूता, हमला करते ही फरार हुए हमलावर
दूसरी तिमाही में हुई धीमी, भारत की जीडीपी की रफ्तार, दुनिया में सबसे तीव्र फिर भी वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था
- Advertisement -
Ad imageAd image

You Might Also Like

12 राज्यों में शुरू होगा गहन पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण, लेकिन Assam का नाम सूची से बाहर – आखिर क्यों?

October 29, 2025
सुप्रीम कोर्ट
National

Demonetisation: सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी के फैसले पर लगाई मुहर, जस्टिस नागरत्ना की सलाह अलग

January 2, 2023

साकेत कोर्ट ने आफताब के नार्को टेस्ट की दिल्ली पुलिस की अर्जी स्वीकार की

November 17, 2022
हवाई अड्डे Bangalore airport
National

महिला ने कहा कि बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उनकी तलाशी ली जा रही है, सीआईएसएफ ने कहा कि वे आंतरिक रूप से मामले को देखेंगे

January 5, 2023

Categories

  • Sports
  • National
  • Politics
  • Entertainment
  • World
  • Crime
  • Finance
  • Technology
  • Event
  • Economy
News Diggy deliver breaking news, in-depth ground reports, unbiased public reviews, engaging viral content, and insightful podcasts.

Quick Links

  • Home
  • About
  • Contact
  • Career
  • Privacy Policy
  • Terms & Condition

Shows/Campaign

  • POV
  • Anchor for a day
  • Fellowship

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
© 2020 News Diggy All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?