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Walmart India Plan: वॉलमार्ट भी चीन में समेट रही कारोबार, भारत वैलकम को तैयार

Walmart India plan

Walmart India Plan: वॉलमार्ट अब ड्रैगन यांनी चीन को फिर से मिर्ची लगने जा रही है। कारण है कि एप्पल और बाकी अमरीकी कंपनियों के चीन से रिश्ता खत्म करने के बाद वॉलमार्ट भी चीन में अपना कारोबार समेट रही है। अब भारत इस मौके को भुनाने की पूरी कोशिश कर रहा है और उसका वैलकम करने को तैयार है।

 

वॉलमार्ट Walmart आई.टी. हार्डवेयर, मोबाइल एक्सैसरीज, इलैक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स को खरीदने के लिए प्रमुख इलैक्ट्रॉनिक्स क्रांट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर्स के साथ बातचीत कर रही है, ताकि वह अमरीका में बेच सके। वॉलमार्ट Walmart ने इसके लिए डिक्सन टैक्नोलॉजीज और ऑप्टिमस इलैक्ट्रॉनिक्स जैसे मैन्यूफैक्चरर्स से बातचीत की  है। अमरीकी रिटेल कंपनी सोर्सिंग को भारत में शिफ्ट करने की योजना बना रही है।

 

वालमार्ट की इन कंपनियों से चल रही है बात

वॉलमार्ट Walmart के पास पहले से ही फ्लिपकार्ट और फोनपे में मेज्योरिटी स्टैक है। वह केबल, चार्जर, स्क्रीन प्रोटैक्टर, टैबलेट, लैपटॉप जैसे प्रोडक्ट्स की एक वाइड रेंज के सोर्स की तलाश कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वॉलमार्ट Walmart के कर्मचारियों ने कई क्रांट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर्स से मुलाकात की है, उनकी कैपेसिटी, प्रोसैस और टैस्टिंग के तरीकों के बारे में पूछताछ की है।

 

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एक ईमेल के जवाब में वॉलमार्ट के प्रवक्ता ने पुष्टि करते हुए कहा कि भारत से सोर्स के बारे में वॉलमार्ट की प्लानिंग काफी पुरानी है और इसके बारे में सभी को जानकारी है। वहीं भारतीय कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर्स डिक्सन, ऑप्टिमस इलैक्ट्रॉनिक्स, जैना ग्रुप और भगवती प्रोडक्ट्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

 

क्या है वॉलमार्ट की प्लानिंग

2020 तक 3 बिलियन डॉलर के एनुअल एक्सपोर्ट के साथ भारत पहले से ही वॉलमार्ट के टॉप सोसिंग मार्कीट्स में से एक है। उस वर्ष वॉलमार्ट ने कहा था कि वह 2027 तक प्रत्येक वर्ष भारत से अपने प्रोडक्ट्स के निर्यात को तीन गुना बढ़ाकर 10 बिलियन डॉलर करने की योजना बना रहा है।

 

मीडिया रिपोर्ट में एक एग्जिक्यूटिव ने कहा कि यह भारतीय मैन्यूफैक्चरर्स के लिए अमरीका में पैठ बनाने का बेहतरीन मौका होगा जिनकी निर्यात क्षमता बहुत बड़ी है। वॉलमार्ट अमरीका और चीन के बीच बढ़ते जियो- पॉलिटिकल टेंशन के बीच चीनी सप्लायर्स पर अपनी निर्भरता कम करना चाह रही है।

 

क्वालिटी होगी बड़ी चुनौती

वहीं दूसरे एग्जिक्यूटिव के अनुसार सोर्सिंग कई फेज में शुरू होगी। वॉलमार्ट उन कांट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर्स से संपर्क करता है जो पहले से ही उन प्रोडक्ट्स को बनाते हैं जो इसे सोर्स करते हैं। उदाहरण के लिए यदि किसी कांट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर्स के पास किसी दूसरे ब्रांड के लिए बनाए गए लैपटॉप का इन-हाऊस डिजाइन है, तो वॉलमार्ट यह निरीक्षण करने के लिए आएगा कि क्या यह उनके स्ट्रिक्ट क्वालिटी स्टैंडर्ड को पूरा करता है। वैसे भारत के कांट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के लिए क्वालिटी स्टैंडर्ड को पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।